SOG ने पेपर लीक मामले में 2 सरकारी कर्मचारी को किया गिरफ्तार
bisnoe-samachar

SOG ने पेपर लीक मामले में 2 सरकारी कर्मचारी को किया गिरफ्तार

पेपर लीक मामले में SOG ने की दो गिरफ्तारी:कनिष्ठ अभियंता भर्ती-2020 और वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा 22 में नकल और डमी परीक्षार्थी बैठाने के थे आरोपी

WhatsApp Group Join Now
 
SOG ने पेपर लीक मामले में 2 सरकारी कर्मचारी को किया गिरफ्तार

Bishnoi Samachar Digital Desk नई दिल्ली- प्रदेश में हर साल हुए पेपर लीक प्रकरणों में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हो चुका हैं। एडीजी वीके सिंह के पास एसओजी का चार्ज आने के बाद 7 से अधिक आरोपियों को एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया हैं। ये वह आरोपी हैं जो वर्ष 2020 से किसी ना किसी पेपर लीक में आरोपी थे और पुलिस को नहीं मिल रहे थे यहां तक की एसओजी के पास एफआईआर दर्ज होने के बाद भी इन की गिरफ्तारी नहीं हो रही थी। एडीजी वीके सिंह के चार्ज लेने के बाद से उनके आदेशों की पालना में एसओजी की टीमों ने इन कथित फरार चल रहे बदमाशों को पकड़ा शुरू कर दिया हैं।

एडीजी वीके सिंह ने बताया कि वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा ) भर्ती परीक्षा 2022 में डमी कैंडीडेट बैठाने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे सरगना को राजस्थान पुलिस की एसआईटी ने पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी रामहंस मीणा दौसा के बैजूपाड़ा का रहने वाला है। आरोपी रामहंस मीणा परीक्षार्थी सत्यप्रकाश मीना की जगह पर सामान्य ज्ञान व विज्ञान विषय की परीक्षा के दौरान दो बार डमी कैंडीडेट बैठा चुका। इसके लिए आरोपी ने 22 लाख रुपए में सौदा तय किया था। उक्त परीक्षा में सत्यप्रकाश मीना का वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में चयन भी हो गया। इसके बदले में आरोपी सत्यप्रकाश ने अब तक 17 लाख रुपए ले भी चुका। बाकी पैसे लेने से पहले ही एसआईटी ने पकड़ लिया। इस मामले में एसओजी अब तक 28 आरोपियों को पकड़ चुकी। जेईएन भर्ती परीक्षा 2020 में हुए पेपर लीक प्रकरण में लंबे समय से वांटेड चल रहे बदमाश को एसआईटी ने पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी सचिन हरियाणा के चरखी दादरी का रहने वाला हैं। सिंह ने बताया कि इस संबंध में वर्ष 2020 में सांगानेर थाने में जेईएन भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का प्रकरण दर्ज हुआ था। उक्त प्रकरण में आरोपी सचिन लंबे समय से फरार चल रहा था। प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी सचिन पूर्व गिरफ्तार हुए आरोपी पंकज बगडिया से परीक्षा से पहले ही पेपर ले लिया और अभ्यर्थियों से 15-15 लाख रुपए में सौदा तय कर लिया। अब आरोपी से पूछताछ करके अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही हैं।