28 साल में तैयार हुआ दुनिया का पहला ओम् आकार का मंदिर,19 फरवरी को होगा लोकार्पण
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28 साल में तैयार हुआ दुनिया का पहला ओम् आकार का मंदिर,19 फरवरी को होगा लोकार्पण

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28 साल में तैयार हुआ दुनिया का पहला ओम् आकार का मंदिर,19 फरवरी को होगा लोकार्पण

 Bishnoi Samachar Digital Desk नई दिल्ली-  ओम् के आकार का यह दुनिया का एकमात्र भव्य मंदिर है, जहां पहाड़ और तालाब भी कृत्रिम बनाए गए हैं। 250 एकड़ में चार मंजिला इमारत और 108 कमरे इस तरह बनाए गए हैं कि ओम् का आकार साकार हो उठा है। इसे बनाने में 28 साल का समय लगा। अब इसका लोकार्पण 19 फरवरी को होने जा रहा है। यह मंदिर राजस्थान के जाडन (पाली जिला) में है।

जाडन में स्वामी महेश्वरानंद का आश्रम है विश्वदीप गुरुकुल। इसी गुरुकुल के परिसर में ओम् आकार का मंदिर बनकर तैयार है। मंदिर का शिलान्यास 1995 में हुआ था। 28 साल से लगातार मंदिर का निर्माण चल रहा था। विश्वदीप गुरुकुल आश्रम के बीचों-बीच यह मंदिर बना है।

विश्वदीप गुरुकुल आश्रम के सचिव स्वामी फूलपुरी ने बताया- मंदिर और आश्रम परिसर का लोकार्पण 19 फरवरी को होगा। शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम दीया कुमारी, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के सीएम मोहनलाल यादव शामिल होंगे।

आश्रम में 10 फरवरी से कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। 10 से 18 फरवरी तक शिव पुराण कथा होगी। समारोह में देशभर से साधु-संत और श्रद्धालु आएंगे। विदेश से 2500 से ज्यादा अनुयायी आएंगे। मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था आश्रम परिसर में विशेष कॉटेज बनाकर की जा रही है। लोकार्पण समारोह की तैयारियां चरम पर हैं। संत महेश्वरानंद के भक्त, आश्रम प्रबंधन और 500 से ज्यादा वॉलेंटियर्स की टीम जुटी है।

12 ज्योतिर्लिंग स्वरूप भगवान शिव का मंदिर

सचिव स्वामी फूलपुरी ने बताया- शिव मंदिर में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग स्वरूप के दर्शन होंगे। साथ ही नंदी महाराज की विशाल प्रतिमा बनाई गई है। यहां सूर्य मंदिर भी है, जो अष्टखंड में बना है और अष्टचक्र का प्रतीक है। शिव मंदिर चार खंडों में बंटा है। एक हिस्सा जमीन के अंदर बना है। जबकि तीन हिस्से जमीन के ऊपर हैं। बीचों-बीच स्वामी माधवानंद की समाधि है। समाधि के चारों तरफ सप्त ऋषियों की मूर्तियां हैं।

नागर शैली की स्थापत्य कला, वास्तु कला का सुंदर रूप

मंदिर की इमारत में नागर शैली का स्थापत्य है। वास्तु कला भी उत्तर भारतीय है। आधा किलोमीटर के दायरे में फैले मंदिर की नींव रखे जाने के वक्त भी देशभर से साधु संत आए थे। मंदिर में भगवान शिव की 1008 अलग-अलग प्रतिमाएं हैं। मंदिर परिसर में कुल 108 कमरे हैं। शिखर 135 फीट ऊंचा है। सबसे ऊपर वाले भाग में शिवलिंग है। शिवलिंग पर ब्रह्मांड की आकृति है।

शिव मंदिर के अलावा आश्रम में श्रीमाधवानंद योगा विश्वविद्यालय भी है। चार मंजिला इमारत में स्कूल-कॉलेज हैं। विश्वदीप गुरुकुल ट्रस्ट ने इसका निर्माण कराया है। खास बात यह है कि आश्रम के निर्माण में धौलपुर का गुलाबी बंशी पहाड़पुर का पत्थर काम में लिया गया है।

आश्रम लोकार्पण समारोह में आने के लिए 2200 से ज्यादा विदेशी मेहमान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया, चेक गणराज्य, जर्मन, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, यूएसए से गेस्ट ने रजिस्ट्रेशन कराया है। सचिव स्वामी फूलपुरी ने बताया- महामंडलेश्वर महेश्वरानंद का कहना है कि ओम् ऐसा शब्द है जो आत्मा को परमात्मा से मिलाता है। इसलिए यहां ओम् आकार का मंदिर बनवाया गया है।

पाली जिले से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे 62 पर जाडन के निकट ओम आश्रम है। निकटवर्ती एयरपोर्ट जोधपुर है, जो यहां से करीब 71 किलोमीटर दूर है। जाडन आश्रम तक ट्रेन से भी पहुंचा जा सकता है। इसके लिए ​दिल्ली से अहमदाबाद के बीच चलने वाली ट्रेन में मारवाड़ जंक्शन तक का सफर करना होगा। मारवाड़ जंक्शन से जाड़न आश्रम की दूरी 23 किलोमीटर है। पाली-सोजत रूट पर चलने वाली बसों के माध्यम से भी जाडन आश्रम पहुंचा जा सकता है।