उत्तर प्रदेश के बरेली में तनावपूर्ण माहोल, हजारों मोलवी सड़कों पर उतरे 
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 उत्तर प्रदेश के बरेली में तनावपूर्ण माहोल, हजारों मोलवी सड़कों पर उतरे 

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 उत्तर प्रदेश के बरेली में तनावपूर्ण माहोल, हजारों मोलवी सड़कों पर उतरे 

 उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख तौकीर रजा खान के बड़े बयानों के बाद शहर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

 

मौलाना ने जुमे की नमाज के दौरान अपनी तकरीर में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, धामी और सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ कई कड़वे बोल बोले हैं, जिसके बाद बरेली में बवाल मचा हुआ है।

उन्होंने कहा कि अब मुस्लिम समुदाय किसी भी बुलडोजर एक्शन को किसी भी हाल में बर्दास्त नहीं करेगा। इसके अलावा उन्होंने भड़काऊ तरीके से धमकी भी दी, “अगर कोई हम पर हमला करेगा तो हम उसे जान से मार देंगे। यह हमें कानूनी अधिकार है।”

रजा के भड़काऊ बयान के बाद बरेली शहर में हिंसा शुरू हो गई है। भीड़ ने मार्केट पर पत्थरबाजी कर दी, जिसमें कई दुकानदार घायल बताये जा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ इस्लामी मौलवी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद सड़कों पर उतर आए।

पुलिस ने बताया कि शहामत गंज इलाके में पथराव की सूचना मिली, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्राथमिकी दर्ज की जायेगी। तौकीर रजा खान ने विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान के विरोध में आह्वान किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुसलमानों को स्वेच्छा से वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद पर अपना दावा छोड़ देना चाहिए।

जुमे की नमाज के बाद रजा खान के हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए। इस हिंसा के कई वीडियो सामने आये हैं, जिसमें लोगों को धक्का-मुक्की करते हुए देखा जा सकता है। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए लगभग 1,000 पुलिसकर्मी मौके पर तैनात किये गए हैं।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए छह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और 12 सर्कल अधिकारी भी तैनात हैं। हल्दवानी घटना पर बोलते हुए रजा खान ने कहा, “अगर सरकार हिंसा चाहती है तो हम तैयार हैं। हम पुलिस या गोलियों से नहीं डरते. सरकार (मदरसे पर) बुलडोजर चला रही है।

बुधवार को यूपी विधानसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने विवादित ज्ञानवापी और शाही ईदगाह मस्जिद का जिक्र किया था। ‘महाभारत’ से भगवान कृष्ण का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कृष्ण पांच गांव चाहते थे, वहीं हिंदू समाज केवल तीन केंद्र मांग रहा था।

“देश में हर कोई खुश है कि भगवान राम को मंदिर में स्थापित कर दिया गया है। यह दुनिया में पहला उदाहरण है कि भगवान रामलला को खुद अपने अस्तित्व का सबूत देना पड़ा। लेकिन यह हमें दृढ़ता सिखाता है… हम खुश थे सिर्फ इसलिए नहीं कि भगवान राम को अपना स्थान मिल गया, बल्कि इसलिए भी कि हमने अपनी बात रखी…मंदिर वहीं बनाया…हम सिर्फ बात नहीं करते। हम बात पर चलते हैं।