रूस की जेल से पंजाब और हरियाणा के 6 युवकों निकालकर वापस लाया गया भारत 
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रूस की जेल से पंजाब और हरियाणा के 6 युवकों निकालकर वापस लाया गया भारत 

इन 6 युवाओं को घर पहुंचाने में पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संत सीचेवाल ने अहम रोल निभाया। यह सभी डंकी के जरिए यूरोप जाना चाहते थे।
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रूस की जेल से पंजाब और हरियाणा के 6 युवकों निकालकर वापस लाया गया भारत 

Bishnoi Samachar Digital Desk नई दिल्ली- पंजाब और हरियाणा के 6 युवकों को रूस की जेल से निकालकर भारत वापस लाया गया है। इन 6 युवाओं को घर पहुंचाने में पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संत सीचेवाल ने अहम रोल निभाया। यह सभी डंकी के जरिए यूरोप जाना चाहते थे।

सीचेवाल ने कहा कि युवा पीढ़ी रोजगार के लिए विदेशों का रुख करती है। जहां उन्हें कई तरह की मानसिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। जिससे युवाओं और उनके परिवारों का काफी पैसा भी बर्बाद होता है। वहां से लौटे युवकों ने बताया कि उनके साथ रूस की जेलों में अमानवीय अत्याचार किया जाता था। उनके साथ यूरोप भेजने के नाम पर ट्रैवल एजेंट ने धोखा दिया।

संत सीचेवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सभी युवकों के परिवार पिछले काफी समय से अपने बच्चों को भारत लाने की कोशिश कर रहे थे। मगर उनकी आवाज सरकार तक नहीं पहुंच रही थी। जिसके बाद परिवारों ने उनसे संपर्क किया। फिर उन्होंने मॉस्को में भारतीय दूतावास से संपर्क किया। कुछ दिनों बाद ही छह युवकों को रूस की जेल से रिहा कर दिया गया।

रूस में 6 युवक फंसे थे। इसमें 5 पंजाब और एक हरियाणा का रहने वाला था। जिनकी पहचान फाजिल्का के गांव सोहना के रहने वाले बलविंदर सिंह, कपूरथला के रहने वाले गुरमीत सिंह, गुरदासपुर निवासी गुरविशार सिंह, हरजीत सिंह, जालंधर के शाहकोट के रहने वाले लखवीर सिंह और हरियाणा के करनाल के रहने वाले राहुल के रूप में हुई है। सभी युवकों ने गलत तरह से विदेश न जाने की अपील की है।

पीड़ित युवकों ने बताया कि आरोपी ट्रैवल एजेंट ने उनसे 13-13 लाख रुपए लिए थे। आरोपी ने उन्हें यूरोप भेजना था। मगर उन्हें रूस में फंसा दिया गया। बेलारूस से जंगलों से होते हुए पुर्तगाल के रास्ते पैदल यूरोप में प्रवेश करना था।

सभी युवकों ने डंकी प्रोसेस के लिए करीब 13-13 लाख रुपए दिए थे। मगर पहले ही उन्हें सेना ने पकड़ लिया और उनकी बुरी तरह से पिटाई कर दी। जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। पीड़ित परिवारों ने 17 दिसंबर को राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल से संपर्क किया। 24 दिसंबर को सभी युवक भारत लौट आए थे।