सदन में हंगामा करने पर सभापति जगदीप धनखड़ ने लिया एक्शन, राजस्थान के 4 राज्यसभा सांसद सस्पेंड
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सदन में हंगामा करने पर सभापति जगदीप धनखड़ ने लिया एक्शन, राजस्थान के 4 राज्यसभा सांसद सस्पेंड

राज्यसभा और लोकसभा से सोमवार को एक दिन में 78 विपक्षी सांसदों को सदन में शोर-शराबा और हंगामा करने के कारण निलंबित कर दिया गया। 
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सदन में हंगामा करने पर सभापति जगदीप धनखड़ ने लिया एक्शन, राजस्थान के 4 राज्यसभा सांसद सस्पेंड
Bishnoi Samachar Digital Desk नई दिल्ली- संसद का शीतकालीन सत्र निलंबन मामला: राजस्थान के भी 4 राज्यसभा सांसद सस्पेंड, सदन में हंगामा करने पर सभापति जगदीप धनखड़ ने लिया एक्शनराज्यसभा और लोकसभा से सोमवार को एक दिन में 78 विपक्षी सांसदों को सदन में शोर-शराबा और हंगामा करने के कारण निलंबित कर दिया गया। ये हंगामा कुछ दिन पहले संसद की सुरक्षा में चूक की गंभीर घटना पर विरोध दर्ज करवाने के लिए हो रहा था। निलंबित हुए सांसदों में राजस्थान के चार राज्यसभा सांसद भी शामिल हैं।

इस कार्रवाई का सबसे ख़ास पहलू ये भी है कि राजस्थान से चुने सांसदों के अलावा अन्य सांसदों पर कार्रवाई करने के आदेश सभापति की ज़िम्मेदारी संभाल रहे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दी, जो भी राजस्थान से ताल्लुक रखते हैं।

संसद के शीतकालीन सत्र की शेष अवधि तक के लिए निलंबित हुए सांसदों में से 4 सांसद राजस्थान के हैं। इनमें प्रमोद तिवारी, केसी वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला और नीरज डांगी शामिल हैं। चारों ही सांसद कांग्रेस पार्टी के हैं और राजस्थान से चुनकर संसद तक पहुंचे हैं।

सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा , 'संसद हमारे लोकतंत्र का सबसे पवित्र मंदिर है। यहां कुछ लोग बाहर से आकर नारेबाजी करते हैं और फिर संसद के अंदर घुस जाते हैं, जिनके पास भाजपा सांसद का पास भी मिलता है। ये संसद की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। गृह मंत्री जी चैनलों में बोलते हैं, लेकिन सदन में एक शब्द नहीं बोलते हैं। ये सांसदों का अपमान है। मैं इस पूरे मामले में सरकार को दोषी मानता हूं।

सांसद केसी वेणुगोपाल ने बताया कि सोमवार का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन था। ये एक ऐसी ऐतिहासिक घटना रही जहां सरकार ने संसद को एकदलीय सभा बनाने की दिशा में कदम उठाया है। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार भारत में लोकतंत्र को नष्ट करने पर तुली हुई है। विपक्षी सांसदों को निलंबित करना दर्शाता है कि भाजपा, संसद की संस्था को ख़त्म करना चाहती है। उन घुसपैठियों को पास जारी करने वाले भाजपा सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, भाजपा विपक्षी सांसदों को निलंबित कर रही है।

संसद में सोमवार को दोनों सदनों में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी दल गृह मंत्री अमित शाह के सदन में बयान की मांग पर अड़े रहे। राज्यसभा और लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी और शोरगुल किया। कुछ सांसदों पर आसन की तरफ बढ़ने का आरोप भी लगा है। इसके चलते एक दिन में अब तक के सर्वाधिक 78 सांसदों को निलंबित किया गया। इनमें राज्यसभा के 45 और लोकसभा के 33 सांसद शामिल हैं।

राज्यसभा व लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही व्यवधान के चलते बार-बार दोनों सदनों की कार्यवाही रोकनी पड़ी। राज्यसभा में सभापति जगदीश धनखड़ और लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला की चेतावनी के बावजूद सांसद नहीं माने, जिसके चलते कार्रवाई हुई।