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आज लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू केस की होगी सुनवाई ,पंजाब पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करने की अनुमति मांगी

SIT ने यह भी निष्कर्ष निकाला है कि बठिंडा सेंट्रल जेल से इंटरव्यू करना संभव नहीं है। जिस विशेष सेल में बिश्नोई को रखा गया है वहां जैमर इंस्टॉल हैं।
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आज लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू केस की होगी सुनवाई ,पंजाब पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करने की अनुमति मांगी

Bishnoi Samachar Digital Desk नई दिल्ली- पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में आज लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू केस में सुनवाई होगी। पिछले सुनवाई में पंजाब ADGP जेल की तरफ से सील बंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट को हाईकोर्ट में दाखिल किया गया था। पंजाब पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करने की अनुमति मांगी है।स्पेशल डीजीपी (STF) और ADGP जेल की जॉइंट कमेटी द्वारा तैयार रिपोर्ट को 14 दिसंबर को हाईकोर्ट में पेश किया गया था। इस रिपोर्ट में SIT ने इंटरव्यू पंजाब या हरियाणा की जेल में न होने की बात कही है। वहीं, ये इंटरव्यू के राजस्थान में किए जाने अत्यधिक संभावना व्यक्त की गई।

SIT ने यह भी निष्कर्ष निकाला है कि बठिंडा सेंट्रल जेल से इंटरव्यू करना संभव नहीं है। जिस विशेष सेल में बिश्नोई को रखा गया है वहां जैमर इंस्टॉल हैं।

SIT ने अनुमान जताया है कि बिश्नोई के दो बैक-टू-बैक इंटरव्यू 14 मार्च और 17 मार्च को आयोजित किए गए थे। एडीजीपी जेल अरुणपाल सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि बिश्नोई को पंजाब और हरियाणा से बाहर ले जाया गया था, क्योंकि वे दोनों राज्यों के बाहर दर्ज मामलों में भी वांछित था।

SIT ने हाईकोर्ट से सिफारिश भी की है कि इंटरव्यू मामले में FIR भी दर्ज की जाए। दरअसल, इस इंटरव्यू की जांच करते समय बिना FIR पंजाब पुलिस राजस्थान या अन्य राज्यों की जेलों से बिश्नोई के साथियों या शक के दायरे में आने वाले आरोपियों को रिमांड पर नहीं ले सकती है। FIR के बाद अन्य राज्यों से भी आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच में शामिल करवाया जा सकता है।

एक निजी चैनल पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने इंटरव्यू दिया था। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मास्टरमाइंड लॉरेंस के इंटरव्यू से पूरे पंजाब में सनसनी फैल गई थी। लॉरेंस का दूसरा इंटरव्यू भी उसी चैनल पर चला दिया गया। इस इंटरव्यू के बाद पंजाब सरकार व DGP दोनों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

गैंगस्टर लॉरेंस का पहला इंटरव्यू 14 मार्च की शाम को ब्रॉडकास्ट किया गया था। जिसके बाद से ही AAP सरकार विरोधियों के निशाने पर आ गई थी। 15 मार्च को ही CM भगवंत मान ने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल कर दिया। बीते दिनों हुए गोइंदवाल जेल और अब लॉरेंस पार्ट-1 के बाद सीएम भगवंत मान ने जेल विभाग को मंत्री हरजोत बैंस से अपने हाथों में ले लिया था।

पंजाब के DGP ने भी पहले इंटरव्यू के बाद साफ तौर पर लॉरेंस का इंटरव्यू पंजाब से बाहर होने की बात कही थी। 16 मार्च को DGP गौरव यादव को खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इंटरव्यू पार्ट-1 पर सफाई देनी पड़ी कि यह पंजाब की जेल में नहीं हुआ। इंटरव्यू पार्ट-2 आने के बाद फिर से पंजाब पुलिस और जेल विभाग पर सवाल खड़े हुए।

इंटरव्यू पार्ट-2 में लॉरेंस ने जेल के अंदर से इंटरव्यू करने का सबूत भी दिया। उसने अपनी बैरक भी दिखाई और बताया कि उसे बाहर नहीं जाने दिया जाता, लेकिन मोबाइल भी उसके पास आ जाता है और सिग्नल भी, जबकि बठिंडा को पंजाब की सबसे सेफ जेल कहा गया है, जो जैमर से इंस्टॉल है। DGP तो दावा कर चुके हैं कि बैरक में गार्ड रोजाना सिग्नल न होने की जांच भी करने आते हैं।

लॉरेंस ने अपने इंटरव्यू में जहां जेल की बैरक से इंटरव्यू देने का सबूत दिया, वहीं जेल की कमजोरियों को भी उजागर किया। लॉरेंस का कहना है कि रात के समय जेल के गार्ड बहुत कम आते-जाते हैं, इसीलिए वह रात को कॉल कर रहा है। मोबाइल बाहर से जेल के अंदर फेंके जाते हैं। कई बार जेल स्टाफ उन्हें पकड़ भी लेता है, लेकिन अधिकतर बार मोबाइल उस तक पहुंच जाता है।