सीएम भजनलाल शर्मा की कैबिनेट की पहली बैठक आज,ये होंगे अहम् निर्णय
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सीएम भजनलाल शर्मा की कैबिनेट की पहली बैठक आज,ये होंगे अहम् निर्णय

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सीएम भजनलाल शर्मा की कैबिनेट की पहली बैठक आज,ये होंगे अहम् निर्णय

Bishnoi Samachar Digital Desk नई दिल्ली- सीएम भजनलाल शर्मा की कैबिनेट की पहली बैठक अब से थोड़ी देर में सीएमओ में होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और मंत्री सचिवालय पहुंच गए हैं। सरकार के गठन के 34 दिन बाद कैबिनेट की पहली बैठक होने जा रही हैं।

बैठक में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को सरकारी अवकाश घोषित करने सहित पिछली सरकार के अंतिम 6 महीनों में लिए गए निर्णयों के रिव्यू के लिए कमेटी का गठन किया जा सकता हैं।

बैठक में महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ कल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र की तैयारियों पर भी चर्चा की जाएगी। साथ ही कल होने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को भी आज कैबिनेट से मंजूरी मिलेगी। वहीं. सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश पर विभागों द्वारा तैयार 100 दिन की कार्य योजना को भी कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती हैं।

कैबिनेट की बैठक में एक बार फिर से मीसा बंदियों की पेंशन शुरू करने को मंजूरी मिल सकती हैं। अमूमन कांग्रेस सरकार आने पर मीसा बंदियों की पेंशन बंद कर जाती हैं। वहीं बीजेपी सरकार आने पर इनकी पेंशन फिर से बहाल कर दी जाती हैं। देश में आपातकाल के दौरान मीसा कानून के तहत जो लोग गिरफ्तार हुए थे, उन्हें मीसा बंदी कहा जाता हैं। प्रदेश में भी कई लोग 1975 में मीसा कानून में बंद हुए थे।

सत्ता में आने से पहले बीजेपी ने अपना जन घोषणा पत्र जारी किया था। जिसे संकल्प पत्र का नाम दिया गया था। इस संकल्प पत्र को नीतिगत दस्तावेज (सरकारी दस्तावेज) बनाने का निर्णय भी कैबिनेट बैठक में लिया जा सकता हैं। जिससे इसमें की गई घोषणाओं को समय पर लागू किया जा सके।

पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने भी अपने घोषणा पत्र को कैबिनेट की पहली बैठक में रखवा कर उसे सरकारी दस्तावेज घोषित करवाया था। इसी तरह से भजनलाल शर्मा की कैबिनेट भी संकल्प पत्र को नीतिगत दस्तावेज घोषित करेगी।

सत्ता में आने से पहले लगातार बीजेपी गहलोत सरकार के अंतिम समय में लिए गए निर्णयों पर सवाल उठाती आई हैं। ऐसे में अब गहलोत सरकार के अंतिम 6 महीनों में लिए गए नीतिगत फैसलों के रिव्यू के लिए भी कैबिनेट की बैठक में कमेटी गठन करने का फैसला लिया जा सकता हैं।

किसी वरिष्ठ मंत्री की अध्यक्षता में इस कमेटी का गठन किया जा सकता हैं। यह कमेटी गहलोत सरकार के फैसलों का रिव्यू करेगी। सरकार बदलने के बाद पूर्ववर्ती सरकारों के अंतिम 6 महीनों में लिए गए निर्णयों के रिव्यू के लिए कमेटी का गठन होता आया हैं।
कैबिनेट की पहली बैठक में कई निवेश प्रस्तावों पर भी मुहर लग सकती हैं। आचार संहिता लगने के कारण प्रदेश में कई निवेश प्रस्ताव अटके हुए हैं। वहीं कुछ दिन पहले आयोजित हुए वाइब्रेंट गुज़रात समिट में प्रदेश के उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शिरकत की थी। दोनों की कई निवेशकों से प्रदेश में ऊर्जा व अलग-अलग सेक्टर में निवेश को लेकर चर्चा हुई हैं। ऐसे में कुछ नए निवेश प्रस्तावों पर भी कैबिनेट में मुहर लगने की संभावना हैं।

सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने दोनों उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा के साथ 15 दिसम्बर को शपथ ली थी। उसी दिन से उनकी कैबिनेट का गठन माना जाएगा। वहीं, 29 दिसंबर को सीएम भजनलाल के मंत्रिमंडल का पहला विस्तार हुआ, जिसमें 22 मंत्रियों ने शपथ ली।

इसमें 12 कैबिनेट मंत्री और 10 राज्यमंत्री (5 स्वतंत्र प्रभार) शामिल किए गए। लेकिन कैबिनेट की पहली बैठक में देरी होने पर लगातार सवाल उठ रहे थे। जानकारी है कि कई मंत्रियों ने भी इस बारे में सीएम भजनलाल शर्मा से बात की थी। जिसके बाद कैबिनेट की पहली बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया हैं।