सीएम भजनलाल ने सदन में मचाई धूम, विपक्ष को दिया बड़ा जवाब
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सीएम भजनलाल ने सदन में मचाई धूम, विपक्ष को दिया बड़ा जवाब

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सीएम भजनलाल ने सदन में मचाई धूम, विपक्ष को दिया बड़ा जवाब

 Bishnoi Samachar Digital Desk नई दिल्ली-  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस पर जवाब दिया. 30 जनवरी को दिए इस बयान में उन्होंने 2047 तक राजस्थान को विकसित राज्य बनाने के संकल्प पर बात कही. साथ ही कहा कि भगवान राम आस्था के साथ आर्थिक प्रगति के प्रतीक है और महिला सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता होगी. सीएम ने कहा कि युवाओं के सपनों पर कुठाराघात करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा. साथ ही ईआरसीपी को धरातल पर उतारने का कार्य शुरू होने की बात कही.

मुख्यमंत्री ने कहा “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने का काम राज्य सरकार कर रही है. प्रधानमंत्री जी के अनुसार देश में गरीब, महिला, युवा एवं किसान, ये चार ही जातियां हैं. राम मंदिर पर बोलते हुए कहा कि हमारे संविधान के तीसरे अध्याय में भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता का सुन्दर चित्रण है. कई सदियों की लम्बी प्रतीक्षा के बाद 22 जनवरी को श्रीराम मन्दिर में प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम जनमानस को संतुष्टी देने वाला था.” उन्होंने कहा कि विपक्ष को इसे राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखना चाहिए. श्रीराम एवं रामसेतु को काल्पनिक कहने वालों को जनता नकार चुकी है.

सीएम ने कहा कि राजस्थान की धरती मीराबाई, कालीबाई, पन्नाधाय, अमृता देवी जैसी वीर एवं भक्त नारियों की धरती है. ऐसे प्रदेश को महिला अत्याचार में प्रथम स्थान पर आने से शर्मसार होना पड़ा. बलात्कार और हत्या के दिल दहलाने वाले कृत्य राजस्थान के विभिन्न जिलों में हुए. प्रदेशभर में एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन करने की प्रक्रिया चल रही है. पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है.

भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में अपराधियों का बोलबाला रहा और कानून व्यवस्था शून्य रही. करौली सहित विभिन्न स्थानों पर धार्मिक जुलूसों पर हमला, उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या जैसे जघन्य अपराधों से प्रदेश की छवि धूमिल हुई है. पूर्ववर्ती सरकार की तुष्टीकरण की नीति ही इसके लिए दोषी है. शांतिप्रिय राज्य में कानून व्यवस्था दुरुस्त कर अपराध मुक्त राजस्थान बनाना हमारा ध्येय है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जनहित में एक के बाद एक महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं. पिछली सरकार द्वारा बन्द की गई सीबीआई की सामान्य सहमति को बहाल किया गया है.

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक घोटाले के मुख्य सरगना को पकड़ने में विफल रही, जिससे युवाओं के सपनों पर कुठाराघात हुआ. आरपीएससी जैसी प्रतिष्ठित संस्था की साख को तार-तार किया गया. यहां तक कि आरएएस भर्ती परीक्षा में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सत्ता में आते ही तुरन्त निर्णय लेते हुए पेपर लीक मामले की जांच हेतु एडीजी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया. सीएम ने कहा कि आवश्यक हुआ तो सीबीआई से भी पेपर लीक की जांच कराई जाएगी. साथ ही, सरकार इन भर्ती परीक्षाओं की निगरानी डीजीपी एवं मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में करा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में गत दिनों दो प्रमुख परीक्षाएं सुचारू रूप से संपन्न करवा दी गई हैं। पेपर लीक मामलों में वांछित 25 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने संकल्प पत्र में किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी करने की घोषणा की थी. इस पर अमल करते हुए प्रदेश में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत राशि 6 हजार रुपए से बढ़ाकर 8 हजार रुपए करने का फैसला लिया गया है. इससे राज्य सरकार पर 1300 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा. चरणबद्ध रूप से इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपए किया जाएगा.