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केंद्र सरकार ने दिया महिलाओ को बड़ा तोहफा,जानकर खुशी से झूम उठी 70 साल की दादी

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केंद्र सरकार ने दिया महिलाओ को बड़ा तोहफा,जानकर खुशी से झूम उठी 70 साल की दादी

Bishnoi Samachar Digital Desk नई दिल्ली- अगर आप एक महिला सरकारी कर्माचारी हैं तो ये खबर आपके लिए खास हो सकती है। आपको बता दें केंद्र सरकार के द्वारा फैमली पेंशन के नियमों में बदलाव किया गया है। सरकार ने महिला कर्मचारियों को एक बड़ी राहत दी हैं। जिसके बाद महिलाएं खुशी से झूम उठी हैं

जानकारी के लिए बता दें सरकार ने इस बदलाव में महिला कर्मचारियों को पति के बजाय बेटे या फिर बेटी को परिवार पेंशन में शामिल करने की अनुमति दे दी है। जिसके बाद महिला कर्मचारियों को काफी काफी सुविधा मिलेगी। इससे पहले महिलाएं इस सुविधा से वंचित थी। लेकिन ये बड़ी राहत भरी खबर है।

इससे पहले फैमली पेंशन, मृत सरकारी कर्मचारिया फिर पेंशनधारक के पति या फिर पत्नी को दी जाती थी। जबकि परिवार के दूसरे सदस्यों पति या फिर पत्नी की आपत्रता या मौत के बाद ही पात्र होते थे।

सरकार के इस नियम से उन महिलाओं को राहत मिलेगी, जिनके अपनी पति के साथ में अनबन चल रही हैं। ये फिर तलाक की स्थिति में हैं। अब ऐसी महिलाएं को अपने बच्चों के भविष्य को सेफ करने में आसानी रहेगी।

मंत्री ने कही ये बात

सरकार के इस नियम के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह कहते हैं कि पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने केंद्रीय पेंशन नियमों में संशोधन पेश किया है। जिसमें खुद की मौत होने के बाद पति या फिर पत्नी को पेंशन दे दी जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि ये संशोधन उन स्थिति में सही होगा, जब घर में कलह या फिर तलाक की स्थिति हो।

लोगों को होगी लिखित अनुरोध की जरूरत

सरकार की तरफ से ऑफिशियल रूप से बयान दिया गया है कि महिला सरकारी कर्मचारी या फिर पेंशनधारक को संबंधित कार्यालय प्रमुख को एक लिखित अनुरोध करना होगा। इस पत्र में कहना होगा उसके पति से पहले बच्चों को परिवारिक पेंशन दी जानी चाहिए। अगर इस प्रोसेस के समय महिला सरकारी कर्मचारी या फिर पेंशनधारक की मौत हो जाती है तो फैमली पेंशन अनुरोध पत्र के मुताबिक वितरित किया जाएगा।

वहीं महिला के विधवां होने पर और बच्चों के न होने पर

वहीं अगर सरकारी महिला कर्मचारी विधवां हैं और उसका कोई दूसरा नहीं है तो ऐसी स्थिति में किसी को भी पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। कोई महिल विधवां किसी नबालिग बच्चे या फिर मानसिक रूप से कमजोर बच्चे की मां है तो विधवां को तब तक पेंशन मिलेगा तब तक उसकी अभिभावक रहेगी। एक बार बच्चा वयस्क हो जाता है तो पेंशन के लिए पात्र हो जाता है।