पहली बार के गुड़ामालानी विधायक के के विश्नोई को मिली राज्यमंत्री की जिम्मेदारी,धोरीमन्ना इलाके में समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की
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पहली बार के गुड़ामालानी विधायक के के विश्नोई को मिली राज्यमंत्री की जिम्मेदारी,धोरीमन्ना इलाके में समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की

गुड़ामालानी विधायक के के विश्नोई को राज्य मंत्री बनाने के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। धोरीमन्ना इलाके में समर्थकों ने पटाखे फोड़े और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। साथ एक-दूसरे को बधाई भी दी।
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पहली बार के गुड़ामालानी विधायक के के विश्नोई को मिली राज्यमंत्री की जिम्मेदारी,धोरीमन्ना इलाके में समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की

Bishnoi Samachar Digital Desk नई दिल्ली- राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार 3 दिसंबर को चुनाव परिणाम आने के बाद 27वें दिन पूरा हुआ। शनिवार को राजभवन में 22 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इसमें 12 कैबिनेट, 5 राज्य स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 5 राज्य मंत्री बनाए गए है। गुड़ामालानी विधायक के के (कृष्ण कुमार) विश्नोई को राज्य मंत्री बनाया गया है। इसके बाद बाड़मेर जिले में उनके समर्थकों में खुशी जाहिर करते हुए फटाखे फोड़े। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर मुंह मिठा करवाया। के के विश्नोई पहली बार विधायक बने है। इनके पिता लादूराम विश्नोई पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के सलाहकार रहे है।

दरअसल, बाड़मेर-जैसलमेर की 9 विधानसभा सीटे है। इसमें बीजेपी ने 6 सीटें जीती है वहीं दो सीट पर निर्दलीय विधायक, एक कांग्रेस जीती है। बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर जिलों से एक मात्र विधायक को मंत्री बनाया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने बाड़मेर-जैसलमेर से दो मंत्री बनाए थे। बायतु से हरीश चौधरी और पोकरण से साले मोहम्मद को मंत्री बनाया था। दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार में हरीश चौधरी की जगह हेमाराम चौधरी को मंत्री बनाया था।

गुड़ामालानी विधायक के के विश्नोई को राज्य मंत्री बनाने के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। धोरीमन्ना इलाके में समर्थकों ने पटाखे फोड़े और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। साथ एक-दूसरे को बधाई भी दी।

के के विश्नोई पूर्व सीएम सलाहकार का बेटा

के के विश्नोई लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े हुए है। जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के पदों पर रहे है। बीजेपी ने इस बार पिता की जगह बेटे के के विश्नोई को टिकट दी थी और जीते थे। वहीं पहली बार विधायक बने है। चुनाव में वसुंधरा राजे ने इनके समर्थक में यहां पर सभा भी की थी।

कद्दावर नेता सोनाराम चौधरी को हराया था

इस चुनाव में बीजेपी से कांग्रेस से शामिल हुए पूर्व सांसद एवं विधायक कर्नल सोनाराम ने गुड़ामालानी से चुनाव लड़ा था। लेकिन बीजेपी के के विश्नोई ने कर्नल सोनाराम चौधरी को बड़े अंतर से हरा दिया। सोनाराम चौधरी 10 साल तक बीजेपी में रहने के बाद फिर कांग्रेस में शामिल हुए थे।