राजस्थान बिश्नोई समाचार नोखा बीकानेर मुकाम मेले में विश्नोई समाज के हजारों श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को गुरु जम्भेश्वर की समाधि पर धोक लगाकर मन्नौतियां मांगी। यह क्रम शाम तक अनवरत चलता रहा।
धोक लगाने के बाद मंदिर परिसर में बने हवन कुंडों में श्रद्धालुओं ने आरोग्यता व पर्यावरण शुद्धि की कामनाओं के साथ घी की आहुतियां दी।
मेले में प्रसाद सामग्री, सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों व बच्चों के खिलौनों की दुकानों पर चहल-पहल रही। खेती में काम आने वाले हल व अन्य उपकरण, ऊंट के पिलाण व नागौर के चेनार गांव की काली मिट्टïी से बने बर्तनों की दुकानों पर भी श्रद्धालुओं ने जरुरत मुताबिक खरीददारी की।
गुरु जम्भेश्वर के आडियो कैसेटों, कलेण्डरों, पुस्तकों व चित्रों की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
सराबोर रहा समराथल
मुकाम के समीप समराथल धोरा भी श्रद्धालुओं से सरोबार रहा। इसी स्थान पर गुरु जम्भेश्वर ने अनुयायियों को पाहल ग्रहण कराकर विश्नोई समाज की नींव रखी और समाज के पालनार्थ उन्नतीस नियमों का प्रतिपादन किया। मेले के लिए नोखा से मुकाम तक के पूरे रास्ते में श्रद्घालुओं के वाहनों की रेलमपेल रही। रोडवेज ने भी इस अवसर पर विशेष बसें चलाई। मेले में कानून एवं व्यवस्था के लिए पुलिस व प्रशासन के अधिकारी अलर्ट रहे।
नोखा में भी रौनक
मुकाम से लौटते श्रद्धालुओं के वाहनों की यहां नवलीगेट व सुजानगढ़ रोड पर रेलपेल रही। रोडवेज के नवलीगेट बस स्टैंड, मुख्य बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। नवली गेट पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी मशक्कत करते रहे।
सालासर साथरी रहा श्रद्वालुओं से सरोबार
काकड़ा. गुरु जम्भेश्वर के निर्वाण स्थल लालासर साथरी आसोज माह के मेले में अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं से सराबोर रहा। दूर दराज से पहुंचे श्रद्वालुओं ने गुरु जम्भेश्वर मन्दिर में धोक लगाकर कुशलता की मन्नतें मांगी तथा हवन में घी खोपरों की आहुतियां दी।
गुरु मंदिरों में रौनक
लूणकरनसर. अमावस्या के दिन शुक्रवार को मुकाम मेले के श्रद्धालुओं के चलते कालू रोड़ स्थित स्थानीय जम्भेश्वर मन्दिर में चहल-पहल रही। सेवक दल के सदस्य रामदयाल पूनिया ने बताया कि श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ जिलों के अलावा पंजाब व हरियाणा से बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचे।
श्रीकोलायत. यहां बिश्नोई धर्मशाला स्थित जम्भेश्वर मन्दिर परिसर में अमावस्या के अवसर पर हवन में समाज के लोगों ने आहुतियां दी तथा मुकाम जाने वाले श्रद्धालुओं ने पड़ाव डालकर जम्भेश्वर मन्दिर में दर्शन किए।
बज्जू. कस्बे के मुख्य बाजार स्थित जम्भेश्वर मंदिर व मुकाम जाने वालों की भीड़ रही। शुक्रवार को अमावस्या सुबह 5 से दोपहर 2 बजे बाद तक भी क्षेत्र केलोग आस्था के मंदिर मुकाम जाते नजर आए।
बज्जू सहित माणकासर, गौडू, गज्जेवाला, मिठडिय़ा, नगरासर, मोडायत, फूलासर आदि आदि के जम्भेश्वर मंदिरों में दिनभर हवन होता रहा तथा बिश्नोई समाज के लोग मनौती मांगते नजर आए।

गुरु जम्भेश्वर के आडियो कैसेटों, कलेण्डरों, पुस्तकों व चित्रों की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
सराबोर रहा समराथल
मुकाम के समीप समराथल धोरा भी श्रद्धालुओं से सरोबार रहा। इसी स्थान पर गुरु जम्भेश्वर ने अनुयायियों को पाहल ग्रहण कराकर विश्नोई समाज की नींव रखी और समाज के पालनार्थ उन्नतीस नियमों का प्रतिपादन किया। मेले के लिए नोखा से मुकाम तक के पूरे रास्ते में श्रद्घालुओं के वाहनों की रेलमपेल रही। रोडवेज ने भी इस अवसर पर विशेष बसें चलाई। मेले में कानून एवं व्यवस्था के लिए पुलिस व प्रशासन के अधिकारी अलर्ट रहे।
नोखा में भी रौनक
मुकाम से लौटते श्रद्धालुओं के वाहनों की यहां नवलीगेट व सुजानगढ़ रोड पर रेलपेल रही। रोडवेज के नवलीगेट बस स्टैंड, मुख्य बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। नवली गेट पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी मशक्कत करते रहे।
सालासर साथरी रहा श्रद्वालुओं से सरोबार
काकड़ा. गुरु जम्भेश्वर के निर्वाण स्थल लालासर साथरी आसोज माह के मेले में अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं से सराबोर रहा। दूर दराज से पहुंचे श्रद्वालुओं ने गुरु जम्भेश्वर मन्दिर में धोक लगाकर कुशलता की मन्नतें मांगी तथा हवन में घी खोपरों की आहुतियां दी।
गुरु मंदिरों में रौनक
लूणकरनसर. अमावस्या के दिन शुक्रवार को मुकाम मेले के श्रद्धालुओं के चलते कालू रोड़ स्थित स्थानीय जम्भेश्वर मन्दिर में चहल-पहल रही। सेवक दल के सदस्य रामदयाल पूनिया ने बताया कि श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ जिलों के अलावा पंजाब व हरियाणा से बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचे।
श्रीकोलायत. यहां बिश्नोई धर्मशाला स्थित जम्भेश्वर मन्दिर परिसर में अमावस्या के अवसर पर हवन में समाज के लोगों ने आहुतियां दी तथा मुकाम जाने वाले श्रद्धालुओं ने पड़ाव डालकर जम्भेश्वर मन्दिर में दर्शन किए।
बज्जू. कस्बे के मुख्य बाजार स्थित जम्भेश्वर मंदिर व मुकाम जाने वालों की भीड़ रही। शुक्रवार को अमावस्या सुबह 5 से दोपहर 2 बजे बाद तक भी क्षेत्र केलोग आस्था के मंदिर मुकाम जाते नजर आए।
बज्जू सहित माणकासर, गौडू, गज्जेवाला, मिठडिय़ा, नगरासर, मोडायत, फूलासर आदि आदि के जम्भेश्वर मंदिरों में दिनभर हवन होता रहा तथा बिश्नोई समाज के लोग मनौती मांगते नजर आए।
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