साचौर बिश्नोई धर्मशाला whatsapp पर आज कल चर्चा में है 

राजस्थान बिश्नोई समाचार साचौर सुरेश ढाका राजस्थान मे जालौर जिले के साचौर तहसील मे बिश्नोई धर्मशाला आज कुछ चर्चा का विषय बन गया है। मामला कुछ ईस प्रकार का है बिश्नोई समाचार नेटवर्क किवरेज बिश्नोई समाज का एक छोटा सा धर्म प्रचारक जो डायरी केलेंडर और पोस्टर बना कर जांभाणी साहित्यओं का स्टॉल लगा कर अपनी जीविका चलाने वाला भीखाराम बिश्नोई सुरभि कंपीयूटर साचौर जो अपने बिश्नोई समाज के मेलों में  घूम घूम कर , जाम्भाणी साहित्य बेचने वले पर कुछ ईस प्रकार का संकट टूट पङा है । 

कुछ बात ईस प्रकार सुनाई भीखाराम ने बिश्नोई समाचार नेटवर्क को 

आज से चार साल पहले धर्मशाला में एक बैठक हुई जिसमें यह निर्णय लिया है कि एक व्यक्ति एक ही दुकान रखेगा उस समय एक व्यक्ति के पास दो दूकान थी एक खुद के नाम से दूसरी भाई के नाम से तो समाज के लोगों ने कहा एक दूकान की चाबी समाज को सुपुर्द करे। तब उस व्यक्ति ने भीखाराम के पास आया और कहा कि तुम्हारे नाम दुकान नहीं है तुम मेरे साथ आ जाओ अपन साझेदारी मे व्यवसाय करते हैं नहीं तो समाज वाले यह दुकान किसी और को देदेगे भीखाराम ने कहा ठीक है  पर शर्त क्या रहेगी तो घमाराम ने कहा कि दूकान किराया व लाईट बिल मेरा और तुम्हारा वेतन नहीं पैसे दोनों बराबर लगायेंगे तब भीखाराम गोदारा ने और उस व्यक्ति के साथ साझेदारी में व्यवसाय शुरू किया।
 दो साल के बाद उस व्यक्ति ने  2 लाख रुपये मुनाफा कमाकर। तीसरे वर्ष सामने कॉम्प्लेक्स बनने के कारण वहाँ पर दूकानें 65 लाख में बिकने के कारण उस व्यक्ति का मन ललचाया उसने सोचा एक तो दूकान मौके की लोकेशन आ गई दूसरा धर्मशाला का किराया कम मात्रा 1300 रूपये प्रति माह जबकि सामने वाले कॉम्प्लेक्स में 6000 रूपये प्रति माह इसलिए उसने सोचा अब यदि भीखाराम गोदारा को दूकान से बाहर निकाल देते हैं और मेरा भाई की डाक्टर बनकर आयेगा तो यह दुकान काम आयेगी यह सोचकर उसने कहा कि भीखाराम को कहा साझेदारी नहीं रखनी है 
 तो भीखाराम ने कहा कोई बात नहीं यदि आप दूकान रखते हो तो मुझे मेरे हिस्से के पैसे दे दो तब उस व्यक्ति ने कहा मुझे सामन नही रखना है पर दूकान ताे मै रखूगा तो भीखाराम ने कहा यदि दूकान आप रखते हो तो सामान भी आपको रखना होगा भीखाराम ने कहा मे सामन कहा लेकर जाऊ नियम भी यह हि कहता है कि जो दूकान रखता वो ही सामन रखता है घर जाने वाला साथ लेकर नही जाता।  तब बिश्नोई धर्मशाला मे पंचायती हुई उसमें समाज के पंच सुरजनजी ने कहा कि भीखाराम आप सामान रख लो मै आपको धर्मशाला में दूसरी दूकान दे दूगा जबकि आज दिन तक उन्हाेने भीखाराम को दूसरी दूकान नही दी और जबकि उसने कुछ लोगों से धमकी भी दिलवाई तथा दबाव बनाया फिर उसने  दूकान के जबर्दस्ती ताला लगाकर चाबी पुलिस थाने में देदी और भीखाराम को बैरोजगार कर दिया है ।
भीखाराम आश्वासन के बाद भी बेरोजगार बैठा है 
 गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष श्री सुखराम विश्नोई विधायक सांचोर है उन्होंने भीखाराम को 10 दिन में दूसरी दूकान देने का आश्वासन दिया था पर अब तक नहीं कोई कार्रवाई नहीं की गई है।  सुरजनराम सऊ जिला प्रधान अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा जिला शाखा जालौर ने भी आश्वासन दिया था कि भीखाराम को 10 दिन में हम दूसरी दूकान देगे। उसके बाद 7 अगस्त को बैठक हुई धर्मशाला सांचोर मे जिसमें समाज के मुखिया सरपंच भीखाराम सारण व जयकिशन जी सारण तथा तेजाराम जी जानी और जगमालराम जी सारण सभी ने एक राय होकर कहा कि भीखाराम गोदारा ने समाज के लिए निशुल्क सेवा दी व समाज सेवा मे हमेशा आगे रहवे ई छोरे ने दूकान दे दो उस व्यक्ति के पास दूकान पहले से है । पर सुरजनरामजी ने बात मानी नहीं और टालम टोल करके कहा कि 16 तारीख को बैठक बुलायेगे उसमें निर्णय लिया जायेगा। 

आज 25 दिन हो गए हैं भीखाराम गोदारा बेरोजगार बन बैठा है 

माननीय सुरजन राम जी आप बिश्नोई महासभा जालोर के जिला प्रधान बने तब समाज ने अपार ख़ुशी जताई की अब समाज में परिवर्तन होना लाजमी होगा, क्योंकि आप जैसा नेक,निर्भीक,ईमानदार व कर्तव्यनिष्ट व्यक्ति ही बदलाव करने में सक्षम है। आपके माध्यम से परिवर्तन की शुरुआत की थोड़ी झलक वार्षिक सम्मेलन में देखने को मिली। जितनी आप से आशा थी उतना परिवर्तन तो नही दिख रहा लेकिन शुरुआत हुई यह भी समाज के हित में है,आपने समाज के बैनरतले प्रतियोगिता परीक्षाओं की कोचिंग भी करवाई यह भी अच्छा कार्य था , लेकिन आप में काम करने की ललक थी वो कहीं न कही किसी के दवाब में दबती दिख रही है ।

समाज में निःशुल्क सेवा करने वाले को रसूखदार लोगों ने किया बेरोजगार

सुरभि कम्प्यूटर एण्ड ओफसेट सांचोर मे समाज में हमेशा निःशुल्क सेवा देते आ रहे हैं और उन्होंने अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा चुनाव में अपनी हिस्सेदारी तन मन में निभाई थी और इस के लिए उनको कुलदीपजी बिश्नोई के द्वारा सम्मानित भी किया गया था दिल्ली की बैठक में तथा अमृता देवी अध्ययन केंद्र साचोर में भी उनको निस्वार्थ सेवा के लिए सम्मानित किया गया था।  परन्तु आज वो व्यक्ति रोजगार के लिए दर दर की ठोकरें खा रहा है। साचोर धर्मशाला प्रबंधक कमेटी के कुछ लोगों ने उनकी दूकान के (फोटो कॉपी, कम्प्यूटर, जाम्भाणी साहित्य) सामान सहित ताला लगा दिया है। 
आज 25 दिन हो गए हैं पर समाज के पंचगण पहल तो तारीख पर तारीख देते रहे अब कुछ बोलने को भी तैयार नहीं है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष महोदय जी भी कुछ बोलना नहीं चाहते हैं ऐसे में इस गरीब व्यक्ति की रोजी-रोटी भी बन्द हो गई है।

बिश्नोई समाचार नेटवर्क 

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