बिकानेर रवि बिश्नोई विजयश्री विश्नोई के हौसले से हर कोई हैरान था, वो वनपाल की नौकरी पाने के लिए आठ माह की गर्भवती महिला विजयश्री विश्नोई ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए 16 किलोमीटर की दौड़ पूरी की। मुरलीधर व्यास कॉलोनी की रहने वाली थी विजयश्री। अधिकारी भी जिन्होंने विजयश्री विश्नोई की स्थिति को देखते हुए उसे शारीरिक दक्षता टेस्ट के तहत दौड़ में हिस्सा लेने से रोक दिया था ।
मगर, भविष्य के सपनों को आंखों में संजोए इस महिला ने किसी की एक न सुनी और 3 घंटे 35 मिनट में पैदल चाल रेस पूरी की। विजयश्री के लिए रेस में दौडऩा जितना कठिन था, उससे कहीं ज्यादा मुश्किल था, रेस के लिए पात्रता हासिल करना । वन विभाग के अधिकारियों ने लिखित परीक्षा पास करने वाली विजयश्री को पैदल चाल में हिस्सा लेने से रोक दिया था। लेकिन विजयश्री ने महिला चिकित्सक से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लाकर अधिकारियों को सौंप दिया। इस पर भी बात नहीं बनी तो स्वेच्छा से दौड़ में हिस्सा लेने का शपथ पत्र थमा दिया। आखिरकार प्रशासन को विजयश्री की बात को मानना पड़ा।
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