भगवान प्रेम के भुखे हैं।भगवान के लिए सब प्राणी सम्मान हैं।यह उद्बोधन गुरूवार को श्री जम्भेश्वर मंदिर मे चल रही जम्भवाणी भागीरथी कथा ज्ञान यज्ञ में आचार्य सुदेवानंद महाराज ने कहीं। आचार्य ने कहा कि इसी जिभ में जहर है ओर इसी जिभ में अमृत है।इसीलिए मनुष्य को हमेशा मिठी बाणी बोलनी चाहिए तथा प्राणी मात्र पर दया करनी चाहिए। सत्यवादी राजा हरिचन्द्र का उदाहरण देते हुए कहा कि राजा हरिचन्द्र जैसे सत्यवादी बनो। हरिचन्द्र ने काम, क्रोध,लोभ, मोह-माया को मार्ग का त्याग करके अपने जीवन को इस भावसागर से पार किया।
इस अवसर पर मंदिर कमेटी अध्यक्ष हरलालजी वरङ, फूलण सरपंच लादूरामजी बिश्नोई, बिश्नोई टाईगर फोर्स ब्लाँक अध्यक्ष भिखारामजी कांवा, श्रवण बैनिवाल सहित कई ग्रामीणो ने भाग लिया ।
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