गांधी जयंती विशेष: शाकाहारी होने पर अमेरिका में मप्र कीबेटी श्रुति विश्नोई बनी गेस्ट

खंडवा(मध्‍यप्रदेश)। बिश्नोई समाचार‬ अमेरिकन फील्ड सर्विस की तरफ से स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत इंडियाना स्टेट के फोर्टवेन सिटी पहुंची खंडवा जिले के ग्राम सोनखेड़ी की बेटी श्रुति विश्नोई को शाकाहारी होने पर महात्मा गांधीजी के सिद्धांतों पर जीवनयापन करने वाले एक परिवार ने गेस्ट बनाया है। भारत भूमि से जुड़े क्लाउड सेटजर ने अपने घर में भगवान वेंकटेश का मंदिर बना रखा है, साथ ही प्रतिदिन भगवा धोती पहनकर संस्कृत के श्लोक पढ़कर पूजा भी करते हैं। मांस-मदिरा सहित किसी भी तरह के नशे से कोसों दूर हैं।

स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत श्रुति यूएसए के इंडियाना स्टेट पहुंची। यहां स्टूडेंट को गेस्ट बनाए जाने के लिए कुछ लोगों ने आवेदन दिया। इसमें क्लाउड सेटजर ने श्रुति के बायोडाटा में जब देखा कि वह शुद्ध शाकाहारी है तो अपने घर पर पेइंग गेस्ट बना लिया। क्लाउड लगभग तीन वर्ष तक हरिद्वार सहित भारत के कई शहरों में घूम चुके हैं। उनकी पत्नी अनुश्री पांडेय भारत की ही रहने वाली हैं। उनकी दस साल की बेटी जैविका है।
बेटी की तरह किया स्वागत
इंदौर रेलवे में कार्यरत उमेश पटेल ने बताया कि बेटी श्रुति को भेजने के बाद हर पल यह चिंता सता रही थी कि वह शाकाहारी है और यूएसए में कैसे रह पाएंगी। सेटजर फैमिली द्वारा गेस्ट बनाए जाने की बात पता चली तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बेटी हर दिन की एक-एक गतिविधि से हमें नेट पर अवगत कराती है। उमेश पटेल ने बताया जब गेस्ट के रूप में श्रुति सेटजर परिवार के घर पहुंची तो बेटी की तरह स्वागत किया। श्रुति एक साल रहने के बाद जून 2016 में भारत लौटेगी।
हिन्दी के साथ संस्कृत के भी ज्ञाता
क्लाउड हिन्दी के साथ संस्कृत के भी ज्ञाता हैं। वे वायरलैस टेक्नालॉजी सेंटर और क्राउड यूनिवर्सिटी में डायरेक्टर हैं। अनुश्री प्रिंसिपल रहने के साथ ही साइक्लोजिस्ट है। क्लाउड ने बताया भारत में रहने के दौरान गांधीजी के विषय में पढ़ा और सुना। उनका एक-एक सिद्धांत अद्भूत है। उनकी जीवनचर्या का कुछ फीसदी हिस्सा वे अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।

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